फगवाड़ा , नवंबर 19 -- पंजाब के फगवाड़ा में मानवीय गरिमा को उस समय गहरा आघात पहुंचा, जब एक लावारिस शव को सिविल अस्पताल से अंतिम संस्कार के लिए नगर निगम के कूड़ा उठाने वाले वाहन में ले जाया गया।

इस घटना की जानकारी होते ही आसपास के लोगों में व्यापक आक्रोश फैल गया।

यह घटना तब प्रकाश में आयी, जब मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों द्वारा शूट किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें शव को उसी वाहन में ले जाया जा रहा था, जिसका इस्तेमाल नियमित कूड़ा उठाने के लिए किया जाता है। पूछताछ करने पर, चालक ने दावा किया कि यह प्रथा लंबे समय से चली आ रही है और नगर निगम के अधिकारियों को पूरी जानकारी थी कि लावारिस शवों को नियमित रूप से कूड़ा उठाने वाले ट्रकों में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता है।

बुधवार को जैसे ही ये विचलित करने वाले दृश्य साेशल मीडिया पर प्रसारित हुए, फगवाड़ा के कई सामाजिक कल्याण संगठनों ने इस कृत्य की निंदा की और इसे मानवता का अपमान और प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण करार दिया। उन्होंने तत्काल जवाबदेही तय करने और लावारिस शवों से निपटने के लिए ज़िम्मेदार व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की मांग की।

इस बीच, फगवाड़ा के मेयर रामपाल उप्पल से जब इस बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस घटना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की पहले से कोई जानकारी नहीं थी कि अस्पताल से लावारिस शवों को कैसे ले जाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ज़िम्मेदारी तय करने के लिए जांच शुरू की जाएगी।

फगवाड़ा के कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने इसे फगवाड़ा नगर निगम का अमानवीय कृत्य बताया। उन्होंने इन मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

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