सरगुजा , अप्रैल 04 -- अंबिकापुर में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने छत्तीसगढ़ में गांजा, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर नियंत्रण करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ ही समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।
श्री गौतम ने कहा कि राज्य पुलिस लगातार गांजा, अफीम और ड्रग्स की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रही है और इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहले बड़े पैमाने पर गांजा की खेती होती थी, जिसमें नक्सलियों की संलिप्तता भी सामने आती रही है। इस अवैध कारोबार से मिलने वाला धन नक्सली गतिविधियों को भी बढ़ावा देता था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे क्षेत्रों में गांजा की खेती और इसकी सप्लाई पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है। हालांकि, हालिया रिपोर्टों में यह सामने आया है कि राज्य में गांजा की खपत में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो चिंता का विषय है। इस स्थिति को देखते हुए केवल सप्लाई रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मांग को कम करना भी उतना ही जरूरी है।
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