किशनगंज , मार्च 13 -- बिहार में किशनगंज जिले के माता गुजरी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया,जिसमें मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी संकाय के स्नातक विद्यार्थियों को पहली बार औपचारिक रूप से डिग्रियां प्रदान की की गई। दीक्षांत समारोह में 1198 छात्र छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए माता गुजरी यूनिवर्सिटी की सराहना की और कहा कि इस सुदूर इलाके में यूनिवर्सिटी खोल कर अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा प्रदान करना सराहनीय कार्य है।उन्होंने कहा कि पहले बिहार में सिर्फ 50 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बना हुआ था लेकिन आज दो करोड़ से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है।
बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पूर्ववर्ती सरकारों और वर्तमान की सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान में बिहार का शिक्षा बजट 68 हजार करोड़ रूपये पहुंच गया है ।उन्होंने कहा कि पहले राज्य में सिर्फ 05 विश्व विद्यालय थे जबकि आज 15 यूनिवर्सिटी है।उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत छात्रों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है और यह योजना सिर्फ बिहार में चल रही है, अन्य किसी राज्य में नहीं है।उन्होंने कहा कि लगभग 2500 प्राध्यापकों की नियुक्ति हुई है और सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सभी ब्लॉक में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोला जाए।
इस अवसर पर उद्योग सह पथ निर्माण मंत्री डॉक्टर दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र जैसे पूर्णिया, कटिहार, अररिया तथा अन्य जिलों के अनेक गरीब छात्र-छात्राएं इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और शिक्षा समाप्त होने के बाद विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों पर सफलतापूर्वक कार्य भी कर रहे हैं।छात्रों की शिक्षा को सुगम बनाने के लिए बिहार सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी इस विश्वविद्यालय में उपलब्ध है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलती है।
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