अगरतला , फरवरी 09 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन सहयोगी टिपरा मोथा द्वारा शासित त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) प्रशासन में कथित अनियमितताओं पर गहरी चिंता व्यक्त की ।
खुमुलवंग स्थित एडीसी मुख्यालय में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सामने आयी गलत सूचनाओं एवं संदिग्ध कार्यों के कई मामलों का उल्लेख किया। डॉ. साहा ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है और उचित समय पर सभी प्रासंगिक तथ्यों का खुलासा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से परिषद में ग्राम समितियों के गठन को लेकर हाल ही में उठे विवादों पर बात की। उन्होंने कुछ समूहों पर अनैतिक एवं अवैध तरीकों से चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के लिए जानबूझकर कानूनी बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए केवल चुनावों में बाधा डालने के लिए नई समितियां स्थापित की गई थीं लेकिन दबाव के कारण अब उन निर्णयों को पलट दिया गया है। प्रस्तावित बिश्रामगंज नगर पंचायत क्षेत्र से जुड़े राजनीतिक दांव-पेचों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जनता को गुमराह करने एवं राजनीतिक लाभ के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा करने के प्रयास किये गये हैं।
उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि अंततः सत्य की जीत हुई और जनता के बीच फैली भ्रांतियां दूर हुईं। उन्होंने एडीसी को हानिकारक राजनीति से बचाने के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता को दोहराया और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने एवं पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने पर पार्टी के ध्यान पर बल दिया।
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