प्रयागराज , अक्टूबर 23 -- उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के संगम तट पर महाकुंभ के बाद अब माघ मेले में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की आवाज जोर पकड़ने लगी हैं। जनवरी में आयोजित होने वाले माघ मेले में बड़ी संख्या में इस बार भी श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। साधु-संत भी माघ मेले को लेकर तैयारी कर रहे हैं। साधु संत इस माघ मेले में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर व जगद्गुरु शांडिल्य महाराज ने भी यही मांग की है।उन्होंने मेला प्राधिकरण के अफसरों को पहले ही अवगत कराया है कि माघ मेले में मुसलमानों को किसी भी स्तर पर एंट्री न दी जाए। अन्यथा अगर वे आते है तो इस स्थिति में आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
शांडिल्य महाराज ने कहा, " मक्का मदीना में जब हिंदू नहीं जाते हैं तो हमारे आयोजन महाकुंभ या माघ मेले में मुसलमान क्यों आएंगे। माघ मेला एक पवित्र स्थल है। यहां पर साधु संत व कल्पवासी बड़ी संख्या में कल्पवास करते हैं। यह शुद्धता और पवित्रता का पूरी तरह से पालन किया जाता है लेकिन इनके (मुसलमान) आने से शुद्धता की गारंटी नहीं दी जा सकती है। आए दिन इनके वीडियो वायरल होते रहते हैं जिसमें देखा जा सकता है कि यह कितना शुद्धता से काम करते हैं।"उन्होंने कहा, संगम पर माघ मेला क्षेत्र पूरी तरह से सनातनियों का है, इस पर उन्हें रोक लगाने की जरूरत है। दरअसल, इसी साल जनवरी में महाकुंभ मेले का आयोजन हुआ था। इसमें करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। महाकुंभ मेले के शुरूआती दिनों में ही साधु संतों व विभिन्न अखाड़ों की ओर से यह मांग की गई थी कि महाकुंभ मेले में मुसलमानों का प्रवेश वर्जित हो। यह मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी रखी गई थी। लेकिन इसका शत प्रतिशत अनुपालन नहीं हो सका था। लेकिन अब माघ मेले के पहले फिर इस तरह की मांग उठी है।
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