हैदराबाद , अप्रैल 10 -- तेलंगाना में माओवादी नेटवर्क को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा,जब तेलंगाना राज्य समिति (टीएससी) के 10 सदस्यों सहित कुल 42 कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने इस घटनाक्रम को पुलिस की माओवाद विरोधी मुहिम की एक बड़ी सफलता बताया है।
श्री रेड्डी ने संवाददाताओं को यहां बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में तेलंगाना राज्य समिति के सदस्यों के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ आधारित विभिन्न माओवादी समितियों, विशेषकर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य समिति के इन 10-11 सदस्यों के आत्मसमर्पण के साथ ही अब तेलंगाना राज्य समिति का कोई भी भूमिगत कैडर या सक्रिय सदस्य शेष नहीं बचा है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले महीने भी बड़ी संख्या में माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद बीच की अवधि में अन्य 130 कैडरों ने अपने हथियार डाले थे। उन्होंने कहा, " तेलंगाना राज्य समिति के संदर्भ में अब यह पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।"डीजीपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस के निरंतर प्रयासों के कारण तेलंगाना में माओवादी संगठनात्मक ढांचेको ध्वस्त करने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि माओवादी कैडरों का लगातार आत्मसमर्पण करना सरकार की पुनर्वास योजनाओं में उनके बढ़ते विश्वास और क्षेत्र में चरमपंथी गतिविधियों के प्रति कमजोर पड़ते समर्थन को दर्शाता है। राज्य पुलिस का मानना है कि इस सामूहिक आत्मसमर्पण से राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
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