रायपुर, अक्टूबर 29 -- त्तीसगढ़ के नारायणपुर में भारतीय सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) महासचिव बासवराजू उर्फ बीआर दादा के बाद प्रतिबंधित नक्सली संगठन ने 62 वर्षीय थीप्परी तिरुपति उर्फ देव जी को नया महासचिव चुन लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि नक्सलियों के नए महासचिव देव जी की छत्तीसगढ़ में ही मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

माना जा रहा है कि राज्य में नक्सली दो धड़ों बंटे हैं। रुपेश उर्फ सतीश उर्फ आसन्ना के दो साक्षात्कारों और सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय के पर्चे के कारण सुरक्षा बल के लोगों और मीडिया ने यह माना कि नक्सली दो धड़ों में बंटे हैं। एक धड़े का यह मानना है कि तात्कालिक परिस्थितियों में सशस्त्र संघर्ष नहीं किया जा सकता है, जबकि दूसरे धड़े के नक्सलियों को लगता है कि सशस्त्र संघर्ष से ही जीत संभव है।

बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पी सुंदरराज ने नए महासचिव की नियुक्ति और मौजूदगी दोनों ही तथ्यों की खुफिया जानकारी होने की बात को स्वीकार किया है।उन्होंने कहा, "हम नक्सलियों को बैक फूट पर ला चुके हैं, नई भर्तियां वो कर नहीं पा रहे हैं, उनकी सप्लाई लाइन हमने काटी हुई है।"गौरतलब है कि रुपेश उर्फ सतीश ने अपने साक्षात्कार में यह माना कि सुरक्षा बलों के सघन अभियान के कारण बड़ी बैठकों को करने में बाधा आ रही है। देव जी को गुरिल्ला युद्ध में महारथ हासिल है। माओवादी संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बासवराजू को 21 मई को इसी साल छत्तीसगढ़ में मार गिराया गया था। मौके पर से पुलिस ने कुल 27 शवों को बरामद किया था। बाद में नक्सलियों के प्रवक्ता रुपेश उर्फ सतीश ने 28 नक्सलियों के मारे जाने की घटना को स्वीकार किया था। एक नक्सली का शव भागते हुए साथी नक्सली ले जाने में कामयाब हुए थे।

सारथी, संतोषवार्तानए महासचिव देवजी की जानकारी तेलंगाना पुलिस महानिदेशक के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली चंद्रन्ना ने दी है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज ने आज वार्ता के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि - नए महासचिव दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सक्रीय हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलियों की संख्या और प्रभाव में भारी कमी आई है।

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