इंदौर , जनवरी 21 -- मध्यप्रदेश के इंदौर में एक युवक अपनी मां की मौत के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे निजी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले तीन महीनों से नंगे पैर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उसे इंसाफ नहीं मिल सका है। पीड़ित का आरोप है कि गलत इंजेक्शन और लापरवाहीपूर्ण इलाज के कारण उसकी मां की मौत हो गई, इसके बावजूद संबंधित डॉक्टर को दोबारा काम करने की अनुमति दे दी गई।
पीड़ित युवक देवेंद्र चौहान ने बताया कि उसकी मां मंजू चौहान 18 सितंबर 2025 को सामान्य सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक पहुंची थीं। आरोप है कि इलाज के दौरान क्लिनिक में डॉक्टर ज्ञानचंद पंजवानी के सहायक ने बोतल चढ़ाई और गलत इंजेक्शन लगाया, जिससे क्लिनिक में ही उसकी मां की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। देवेंद्र का कहना है कि उसकी मां पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में घर से निकली थीं।
देवेंद्र चौहान का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की लापरवाही सामने आने के बावजूद प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई रोक दी गई और डॉक्टर को फिर से इलाज की अनुमति दे दी गई। पीड़ित का कहना है कि उसने पिछले तीन महीनों में कलेक्टर कार्यालय सहित हर विभाग और जनसुनवाई में गुहार लगाई, यहां तक कि न्याय की मांग को लेकर दंडवत प्रणाम भी किया, लेकिन उसे केवल आश्वासन ही मिले।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे और उसके भाई को राजीनामा करने के लिए धमकियां दी जा रही हैं और झूठे मामलों में फंसाने की बात कही जा रही है। देवेंद्र ने बताया कि वह गरीब परिवार से है और छोटी दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। बावजूद इसके वह अपनी मां के लिए न्याय की उम्मीद में तीन महीनों से चप्पल उतारकर नंगे पैर संघर्ष कर रहा है।
देवेंद्र चौहान ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर और संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से किसी और की जान न जाए।
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