बैतूल , दिसंबर 19 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की पवित्र नगरी मुलताई में मांस, मछली, अंडा और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) राजीव कहार को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपते हुए घनश्याम सोनी, नीलेश चांवरिया, सागर साहू, दिनेश कालभोर सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन द्वारा मुलताई को पवित्र नगरी घोषित किया गया है, इसके बावजूद मां ताप्ती सरोवर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर अंडे की दुकान संचालित हो रही है। नगर क्षेत्र में मांस, मछली, मटन और मदिरा की खुलेआम बिक्री पवित्र नगरी की गरिमा के विपरीत है।
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि मटन मार्केट क्षेत्र में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर और नागदेव मंदिर के आसपास मांस और मछली की दुकानों को बंद करने के आदेश पूर्व में जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद आज भी वहां अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मुलताई में शराब की दुकानें बंद होने के बावजूद नगर क्षेत्र में अवैध मदिरा का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिससे सामाजिक और धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। संगठनों ने मांग की कि पवित्र नगरी मुलताई में मांस, मछली, मटन, अंडा और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा अवैध दुकानों और कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 7 से 15 दिनों के भीतर इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो समस्त हिंदू संगठनों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बजरंग दल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित