जयपुर , मार्च 07 -- राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए उन्हें आगे आने की जरुरत बताते हुए कहा है कि इसके लिए महिलाओं का, महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा हित करना होगा।
श्रीमती राजे शनिवार को यहां जेईसीआरसी विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस अभिनंदन एवं अवार्ड समारोह में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि महिला घर की नीव होती है और अगर यह नीव से निकल जाए तो पूरा घर हिल जाता है। उन्हीने कहा कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है। महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले, इसके लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए हैं। यह एक ऐसा कानून है, जो संसद से लेकर विधानसभा तक में महिला शक्ति के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगा। उनहोंने कहा कि महिलायें कैसे आगे बढ़ें । इसके लिए महिलाओं को आगे आना होगा और महिलाओं का,महिलाओं के लिए,महिलाओं के द्वारा हित करना होगा।
उन्होंने कहा उन्हें यह सुनना कभी भी अच्छा नहीं लगा कि हमारा समाज पुरुष प्रधान है। जबकि पुरुष को जन्म देने वाली तो नारी ही है। उनके मन में सदा एक ही सवाल आता है कि पुरुष प्रधान समाज ही क्यों। दोनों समान क्यों नही । इसीलिए उन्होंने 2008 में भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना शुरू कर महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाया। नारी शक्ति पुरुषों के समकक्ष खड़ी हो। इसीलिए उन्होंने प्रदेश में पहली बार पंचायत राज संस्थाओं में सभी पदों पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया।
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