रायपुर , अप्रैल 10 -- भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेण्डी ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होने से न केवल उनका राजनीतिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि इससे महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
सुश्री उसेण्डी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, संतुलित और उत्तरदायी बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने उल्लेख किया कि सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त होगा। इस प्रावधान को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों से लागू करने की योजना है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकारों द्वारा किए गए कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि वर्ष 2003 से ही प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ही सर्वप्रथम राशन कार्ड के माध्यम से महिलाओं को घर की मुखिया के रूप में मान्यता दी। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें स्थानीय स्तर पर नेतृत्व का अवसर दिया गया है।
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