नयी दिल्ली , अप्रैल 15 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला आरक्षण विधेयक को देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी पहल बताया है।
श्रीमती गुप्ता ने बुधवार को आंध्र प्रदेश में तिरुपति यात्रा के दौरान कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक आने वाला समय में महिलाओं को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है। आज पूरा देश आशा भरी निगाहों से इस महत्वपूर्ण विधेयक की ओर देख रहा है। यह विधेयक महिलाओं को निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरुपति बालाजी के दर्शन कर उन्हें अत्यंत आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति हुई। देश और दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु इस पवित्र स्थल पर आते हैं। यहां की व्यवस्थाएं, विशेषकर स्वच्छता, सुरक्षा और सुचारु दर्शन प्रणाली, उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने टीटीडी प्रशासन और पूरी टीम को इस उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए बधाई दी और कहा कि प्रतिदिन हजारों, यहां तक कि 70 हजार से 1 लाख तक श्रद्धालुओं के बावजूद बिना किसी असुविधा के दर्शन कराना अत्यंत सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। 'नारी शक्ति' को केंद्र में रखकर अनेक नीतियां और कार्यक्रम लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। महिला आरक्षण विधेयक भी इसी दूरदर्शी सोच का हिस्सा है, जो देश की लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में भी महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। भगवान के नामों में भी 'लक्ष्मी नारायण', 'सीताराम' और 'राधेश्याम' जैसे उदाहरण इसका प्रमाण हैं। जब हमारे धर्म और संस्कृति में महिलाओं को इतना आदर प्राप्त है तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी उन्हें समान और सम्मानजनक भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने देश की सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला युग महिलाओं के नेतृत्व, सशक्तिकरण और प्रगति का युग होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला आरक्षण विधेयक इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और देश को नयी ऊर्जा प्रदान करेगा।
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