लखनऊ , अप्रैल 30 -- उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी देने के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा है कि संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का मामला लंबे समय से लंबित है, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।
बसपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि काफी लंबे संघर्ष के बावजूद भी महिला आरक्षण का मुद्दा आगे नहीं बढ़ पाया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए इसका स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है और महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
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