उदयपुर , नवम्बर 11 -- राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा ने कहा है कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की संकल्पना महिला सशक्तीकरण से ही सार्थक होगी।
डाॅ मीणा मंगलवार को उदयपुर में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद, (राजीविका) ग्रामीण विकास विभाग, राजस्थान एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "खेती और पशुधन उद्यमिता" पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ कर रहे थे। कार्यशाला में देश भर से विशेषज्ञ, नीति निर्माता, उद्यमी और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हो रही हैं। कार्यशाला में कृषि एवं पशुधन उद्यमिता से ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने को लेकर मंथन किया जा रहा है।
डाॅ मीणा ने कार्यशाला में देश के समस्त राज्यों से आये हुए अतिथियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्रामीण विकास एवं राजीविका विभाग की पूरी बागडोर महिला अधिकारियों को सौंप कर सकारात्मक संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखपति दीदी कार्यक्रम के माध्यम से देश भर में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल की है।
उन्होंने कहा कि राजीविका का उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन करना है। राज्य में 50 लाख 69 हजार ग्रामीण परिवारों को चार लाख 25 हजार स्वयं सहायता समूहों, 31 हजार ग्राम संगठन एवं 1074 संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) से जोड़कर उन्हें वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षणों के माध्यम से उनकी आजीविका बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं।
डाॅ मीणा ने कहा कि आजीविका संवर्धन के तहत करीब 39 लाख 38 हजार परिवार कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों से जुड़कर काम कर रहे हैं। राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 2099.95 करोड़ रुपये की राशि आजीविका संवर्धन के लिए एवं 10 हजार 342.96 करोड़ रुपये का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया। महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के लिए जैम एवं अमेजॉन ऑनलाइन मंच का उपयोग किया जा रहा हैं एवं फ्लिपकार्ट, ई-सरस पर उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग की जा रही हैं।
डॉ मीणा ने कहा कि 7037 महिला व्यापार प्रतिनिधि द्वारा गाँवों में घरों में बैंक सेवायें पहुंचायी जा रही हैं, जिसमें खाते खोलना, रकम निकासी एवं जमा करना इत्यादि गतिविधियां हैं। विभिन्न जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर 254 कैंटीन प्रारम्भ की गयी हैं, जिसका संचालन राजीविका की महिलाओं द्वारा किया जा रहा हैं। उद्यम प्रोत्साहन के तहत 54 हजार से अधिक महिला उद्यमियों को स्थापित (सिलाई, ब्यूटी पार्लर, मसाला उद्योग, हस्तशिल्प, किराना एवं लेडिज स्टोर इत्यादि) किया गया एवं प्रोत्साहन दिया गया है जिससें महिलाओं की आजीविका में वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की बिक्री को बढ़ाने के लिए जयपुर, चुरू, श्रीगंगानगर, उदयपुर, अजमेर, अलवर, डुगरपुर, राजसमन्द, जोधपुर एवं कोटा जिलों में रिटेल स्टोर प्रारम्भ किये गये हैं।
डाॅ मीणा ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार अब तक 796 मुख्य प्रशिक्षक प्रशिक्षित किया जा चुके हैं, इन लखपति मुख्य प्रशिक्षकों द्वारा 19 लाख 45 हजार लखपति सीआरपी को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में 11 लाख दो हजार महिलाओं को लखपति दीदी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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