शिमला , नवंबर 12 -- अखिल भारतीय जनवादी महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) की राष्ट्रीय महासचिव मरियम धावले ने कहा है महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा मनुवाद के वैचारिक उभार को दर्शाता है।

सुश्री धावले ने आज यहां कालीबाड़ी में आयोजित एआईडीडब्ल्यूए का 13वें प्रांतीय सम्मेलन के समापत सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं, दलितों तथा अल्पसंख्यकों पर हमले एक व्यापक वैचारिक और राजनीतिक बदलाव का हिस्सा हैं जो समानता और न्याय को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा, "महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा केवल एक सामाजिक चिंता का विषय नहीं है - यह एक वैचारिक पतन को भी उजागर करती है जो पितृसत्तात्मक वर्चस्व को बढ़ावा देती है और महिलाओं की आवाज़ को दबाती है।"सम्मेलन में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भेदभाव का विरोध करने का पुरजोर आह्वान किया गया।

दो दिवसीय सम्मेलन में राज्य के सात जिलों के 120 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में अगले तीन वर्षों के लिए 19 सदस्यीय एक नई राज्य कार्यकारिणी का चुनाव किया गया जिसमें रंजना जैरेट को प्रदेश अध्यक्ष, फलमा चौहान को पुनः प्रदेश सचिव और हिमी देवी को प्रदेश कोषाध्यक्ष चुना गया। चंद्रकांता, सोनिया शुभ्राबल, वीना वैद्य और संतोष कपूर को उपाध्यक्ष चुना गया, जबकि रमा रावत, ममता नेगी और अमिता चौहान को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया।

सम्मेलन में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण, आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं के संपत्ति अधिकार, बढ़ते जाति-आधारित हमले और गाजा में महिलाओं और बच्चों के निरंतर नरसंहार सहित कई प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। हिमाचल प्रदेश में विवाह-सम्बन्धी प्रथाओं के बढ़ते चलन के विरुद्ध एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसे प्रतिनिधियों ने शोषणकारी बताया।

एआईडीडब्ल्यूए ने युवाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की लत पर भी चिंता व्यक्त की और समुदाय-आधारित जागरूकता पहल की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत आयोग पत्रों में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला गया और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए नए सिरे से संघर्ष करने का आह्वान किया गया। एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में सिरमौर की एक शारीरिक शिक्षा शिक्षिका को यौन उत्पीड़न के विरुद्ध उनके साहस और न्याय की मांग में उनकी दृढ़ता के लिए सम्मानित किया गया। उनके स्कूल की प्रधानाचार्या ने भी उन्हें सम्मानित किया।

तेलंगाना में 25-28 जनवरी, 2026 को आयोजित होने वाले संघ के राष्ट्रीय महाधिवेशन के लिए छह सदस्यों को प्रतिनिधि के रूप में चुना गया।

नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष रंजना जैरेट ने अपने संबोधन में असमानता, शोषण और लैंगिक हिंसा के विरुद्ध संघ की लड़ाई को मज़बूत करने का संकल्प लिया। प्रदेश सचिव फालमा चौहान ने हिमाचल भर की महिलाओं से उत्पीड़न के विरुद्ध एकजुट होने और अपने संवैधानिक अधिकारों का दावा करने का आग्रह किया।

शिमला जिला सचिव सोनिया शुभ्राबाल ने सम्मेलन की सफलता में सहयोग और योगदान के लिए शिमला के लोगों का धन्यवाद किया।

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