महासमुंद , दिसंबर 11 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पिछले चार साल से हाईस्कूल भवन का निर्माण कार्य अटका हुआ है जिसके कारण छात्र पंयात भवन में पढ़ने को मजबूर है। छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय भवन का अभाव किस तरह शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित करता है, इसका ज्वलंत उदाहरण ग्राम सोरिद में स्पष्ट देखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि यहां माध्यमिक विद्यालय को वर्ष 2017 में हाईस्कूल स्तर पर उन्नत तो कर दिया गया लेकिन आज तक स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका। स्थिति यह है कि कक्षा छठ से दसवीं तक के 270 बच्चे पंचायत भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन ने वर्ष 2021-22 में हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 74 लाख रुपये स्वीकृत किए थे और कार्य एजेंसी के रूप में लोक निर्माण विभाग को नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद चार वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन की नींव तक नहीं रखी गई। इस हाईस्कूल में सोरिद के अलावा घोघीबाहरा, बनसिवनी, कमारडेरा और चोरभट्टी जैसे गांवों के छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं।
इससे पहले ग्राम के पालक और स्कूल के प्रभारी प्राचार्य कई बार शिक्षा विभाग व जनप्रतिनिधियों से भवन निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पालक भोलेनाथ गंधर्व और प्रभारी प्राचार्य राम कुमार जांगड़े ने बताया कि लंबित निर्माण कार्य बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने कहा कि दो बार टेंडर निरस्त हो चुका है, जबकि तीसरी बार लागत बढ़ने के कारण लोक निर्माण विभाग द्वारा दो कक्ष कम करने की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
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