महासमुंद , फरवरी 12 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बेलसोंडा में करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने सख्ती के साथ हटाया। राजस्व विभाग की टीम ने पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जा मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान पूर्व सरपंच के पति द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास भी किया गया, जिसे पुलिस ने बलपूर्वक हटाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित बेलसोंडा में खसरा नंबर 1661, 1651 और 1654 की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। जांच के बाद राजस्व अमले ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
पूर्व सरपंच भामिनी चंद्राकर के पति पोखन चंद्राकर, जो एक शासकीय कर्मचारी हैं, ने सड़क से लगी लगभग 55 डिसमिल बेशकीमती शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा था। प्रशासन द्वारा जेसीबी से कार्रवाई शुरू करते ही पोखन चंद्राकर और भामिनी चंद्राकर ने विरोध जताया तथा मशीन के सामने खड़े होकर कार्य रुकवाने की कोशिश की। धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर दोनों को हटाया, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूर्ण की गई।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल के दौरान उक्त भूमि को कब्जा मुक्त रखने के नाम पर निस्तारी तालाब के कुछ हिस्से को जेसीबी से समतल कर पौधरोपण किया गया था। हालांकि पौधे विकसित नहीं हुए और बाद में उसी जमीन पर निजी कब्जा कर लिया गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करेंगे तो अन्य लोगों में भी गलत संदेश जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से गांव में शासकीय संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश गया है।
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