महासमुंद , फरवरी 12 -- छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध 380 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल की दीवारों पर लगाए गए छोटे अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त होने के बावजूद यंत्र शो-पीस की तरह टंगे हुये हैं।

गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 450 से 500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। आग जैसी आपात स्थिति में त्वरित नियंत्रण के लिए पूरे अस्पताल परिसर में करीब 90 छोटे अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। इन यंत्रों की 'रिफिलिंग' का कार्य रायपुर की पी.आर. इंटरप्राइजेज संस्था को सौंपा गया है।

संस्था द्वारा इन अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग पिछले साल 16 जनवरी और 29 जनवरी को की गई थी, जिनकी वैधता क्रमशः इस वर्ष 15 जनवरी और 28 जनवरी तक थी। वैधता समाप्त हुए लगभग एक माह बीत जाने के बावजूद समय पर रिफिलिंग नहीं कराई गई। ऐसे में आग लगने की स्थिति में इन यंत्रों का उपयोग संभव नहीं था, जिससे मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।

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