महासमुंद , दिसंबर 31 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में निर्मित बिला नाला जलाशय जहां सैकड़ों किसानों के लिए सिंचाई का साधन बनकर वरदान साबित हुआ, वहीं बूटीपाली गांव के 16 किसानों के लिए यह जलाशय अभिशाप बन गया है। जलाशय में पानी भरने से किसानों की करीब 20 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है लेकिन इसके एवज में मिलने वाला मुआवजा पिछले पांच वर्षों से फाइलों में अटका हुआ है।
बुधवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभावित किसानों के लिए कुल एक करोड़ 77 लाख रुपये मुआवजा राशि निर्धारित की गई थी लेकिन यह फाइल बीते पांच सालों से महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के कार्यालयों के बीच घूम रही है। अभी तक किसानों को कोई भी मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजा नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो चुकी है।
खेती से वंचित इन परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई किसान परिवार दाने-दाने को मोहताज हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और मजबूरी में किसान पलायन कर मजदूरी करने को विवश हैं।
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