उज्जैन , फरवरी 17 -- भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख एवं प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। दो दिनों में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए।

विश्व प्रसिद्ध मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने इस वर्ष लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना के अनुसार व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। महाशिवरात्रि पर मंदिर के पट 44 घंटे तक लगातार खुले रहे, इस दौरान कुल 8 लाख 6 हजार 545 दर्शनार्थियों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए। मंदिर परिसर को भव्य और आकर्षक रूप से सजाया गया था। भारी भीड़ के बावजूद सुचारु व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हुए और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष फगवारिया ने बताया कि 15 फरवरी को तड़के 2:30 बजे पट खुलने के साथ दर्शन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई, जो 16 फरवरी को रात्रि 11 बजे शयन आरती तक निर्बाध रूप से जारी रही। प्राचीन परंपरा के अनुसार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन सर्वाधिक 5 लाख 78 हजार 943 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 16 फरवरी को 2 लाख 27 हजार 602 दर्शनार्थियों ने भगवान के दर्शन किए। शयन आरती के साथ विशेष अनुष्ठानों का समापन हुआ और मंदिर के पट विश्राम के लिए बंद किए गए।

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