कोल्हापुर , नवंबर 10 -- महाराष्ट्र के कोल्हापुर में करवीर निवासिनी श्री महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय वार्षिक दुर्लभ आयोजन 'किरणोत्सव (सूर्य-किरण उत्सव) शुरु हुआ।

यह उत्सव पहले दिन सूर्य की किरणें सीधे पीठासीन देवी के वक्षस्थल और कानों पर पड़ने के साथ शुरू हुआ।

'किरणोत्सव' उत्सव वर्ष में दो बार होता है - 30 जनवरी से तीन फरवरी तक और नौ से 13 नवंबर तक। इस दुर्लभ और पवित्र 'सोहाला' (आकाशीय घटना) में अस्त होते सूर्य की किरणें पश्चिम दिशा से गर्भगृह (गरुड़ मंडप) में स्थित देवी महालक्ष्मी की मूर्ति पर पड़ती हैं।

पहले दिन सूर्य की किरणें देवी के चरणों को, अगले दिन पेट को और फिर मूर्ति के मुख को स्पर्श करती हैं। इस ऐतिहासिक, दुर्लभ और अद्भुत क्षण को देखकर उपस्थित भक्तों ने देवी महालक्ष्मी का जयकारा भी लगाया।

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