मुंबई , अप्रैल 29 -- महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक न्याय और वैश्विक शैक्षणिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में स्थायी 'भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर चेयर' स्थापित करने का निर्णय लिया है। "सामाजिक समानता और सद्भाव वर्ष" के तहत शुरू की गई इस पहल के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के नाम पर पीएचडी स्तर के शोध के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही तकनीक, पर्यावरण, शिक्षा और समाज कल्याण से जुड़े सात महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य को तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नीति 2026' को मंजूरी दी गई है। इस नीति के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने और लगभग 1.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। तकनीकी विकास को बड़े शहरों से बाहर ले जाने के लिए राज्य में छह 'एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और पांच 'एआई इनोवेशन सिटीज' स्थापित की जाएंगी।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कैबिनेट ने वन विभाग के अंतर्गत 'ग्रीन महाराष्ट्र आयोग' के गठन को मंजूरी दी है, जो राज्य भर में 300 करोड़ पेड़ लगाने के महत्वाकांक्षी अभियान का नेतृत्व करने के साथ-साथ वनीकरण परियोजनाओं की रियल-टाइम निगरानी भी करेगा।
ऊर्जा के क्षेत्र में 'मैजेस्टिक' योजना को स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत हरित ऊर्जा और स्टोरेज तकनीक को ग्रिड से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। विश्व बैंक के सहयोग से चलने वाली इस परियोजना की रिपोर्ट अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। शिक्षा और कल्याणकारी कदमों के तहत, दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति में 12 साल बाद बड़ी बढ़ोतरी की गई है। अब सरकार उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे दिव्यांग छात्रों की विश्वविद्यालय फीस, परीक्षा शुल्क, ट्यूशन और मेडिकल जांच जैसे सभी प्रमुख खर्च खुद वहन करेगी।
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