मुंबई , फरवरी 27 -- मराठी भाषा गौरव दिवस के अवसर पर विधान भवन में प्रख्यात कवि कुसुमाग्रज (वि. वा. शिरवाडकर) की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई।

इस अवसर पर महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय की ओर से 'जावे विनोदाच्या गावा' शीर्षक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शास्त्रीय मराठी हास्य साहित्य के वाचन, संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान वी. एस. पेज संसदीय प्रशिक्षण केंद्र द्वारा संपादित पुस्तक 'लोकसेवेचा लोकजागर' का विमोचन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री फडणवीस ने कहा कि मराठी को ज्ञान की भाषा के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने मानकीकृत भाषा के महत्व पर जोर दिया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भाषा की मधुरता को बनाए रखते हुए उसका साहित्य जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। लोककलाओं और तकनीक के माध्यम से मराठी को जीवंत बनाए रखना आवश्यक है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी की परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है। उन्होंने आचार्य अत्रे और श्री पी एल देशपांडे को हास्य साहित्य के महान स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि खानदेशी, कोंकणी और अहिराणी मराठी की बहन बोलियां हैं तथा इसके शास्त्रीय दर्जे को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। तकनीकी युग में भी मराठी के गौरव को बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने मराठी के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

अपने स्वागत भाषण में उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने राजनीति में हास्य की सीमाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विधानमंडल ने सभी स्कूलों में मराठी को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। साथ ही, मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने के लिए राज्य के कई नेताओं द्वारा केंद्र से निरंतर प्रयास किए गए, जिसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने तकनीकी युग में मराठी शिक्षा के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी पर जोर दिया।

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