मुंबई , जनवरी 15 -- महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को 'प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट' (पीएडीयू) के उपयोग को लेकर ठाकरे बंधुओं की केआरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह उपकरण केवल तकनीकी कठिनाइयां आने पर ही इस्तेमाल किया जाएगा और वह भी सिर्फ बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों में।
आयोग ने कहा कि मुम्बई के बाहर किसी भी नगर निगम में मतगणना के लिए पीएडीयू का उपयोग नहीं किया जाएगा। मुम्बई के भीतर भी इसका उपयोग केवल उन असाधारण स्थितियों तक सीमित रहेगा, जहाँ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर दर्ज वोटों की गिनती के दौरान तकनीकी समस्याएं आती हैं।
यह स्पष्टीकरण शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा चुनाव मशीनरी पर पारदर्शिता के बिना पीएडीयू लाकर सरकार के पक्ष में काम करने का आरोप लगाने के बाद जारी किया गया। इससे पहले दोनों दलों ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग चुनाव अभियान की आधिकारिक अवधि समाप्त होने के बाद भी घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति दे रहा है। दोनों दलों ने यह भी आरोप लगाया था कि आयोग ने मतगणना के दौरान उपयोग के लिए पीएडीयू नामक एक नई मशीन पेश की है।
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने आयोग के कामकाज की आलोचना करते हुए सवाल किया कि राजनीतिक दलों को ईवीएम से अतिरिक्त मशीन जोड़ने की संभावना के बारे में पहले सूचित क्यों नहीं किया गया। चुनाव आयोग ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पीएडीयू का उपयोग केवल तब किया जाएगा जब भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित ईवीएम पर डाले गए वोटों की गिनती के दौरान कोई तकनीकी समस्या आती है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि मतगणना सामान्य रूप से बैलट इकाइयों को नियंत्रण इकाइयों से जोड़कर की जानी चाहिए और पीएडीयू का उपयोग केवल तकनीकी खराबी की स्थिति में एक असाधारण वैकल्पिक तंत्र के रूप में किया जा सकता है। पीएडीयू के किसी भी सामान्य या नियमित उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुम्बई नागरिक चुनावों के लिए कुल 140 पीएडीयू इकाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। आयोग ने कहा कि यदि असाधारण परिस्थितियों में पीएडीयू की आवश्यकता होती है तो इसका उपयोग केवल भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही किया जाएगा।
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