यवतमाल , जनवरी 06 -- महाराष्ट्र में यवतमाल जिले के शेंदुरसोनी गांव में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है जहां की आबादी सिर्फ 1,300 होने के बावजूद 27,000 से ज़्यादा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए।

इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद अंतर-राज्यीय जांच शुरू हो गयी है और महाराष्ट्र सरकार ने विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

यह घोटाला तब सामने आया जब यवतमाल जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने शेंदुरसोनी ग्राम पंचायत के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल का ऑडिट किया। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार गांव की आबादी लगभग 1,300 है , हालांकि पोर्टल की जांच में पता चला कि सिर्फ एक महीने में गांव से 27,000 से ज्यादा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए थे, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस मामले में तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सबूतों के आधार पर बिहार के 20 वर्षीय आदर्श कुमार दुबे को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच से पता चलता है कि आरोपी ने सरकारी सर्वर को हैक किया और देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के लिए अवैध रूप से फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 12 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

महाराष्ट्र सरकार ने मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित असर को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और महाराष्ट्र साइबर की देखरेख में एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी इस हफ्ते शेंदुरसोनी गांव जाकर जमीनी स्तर पर जांच करेगी। फिलहाल मामले की जांच यवतमाल के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। यवतमाल सिटी थाने में भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि ये प्रमाण पत्र किसे मिले और इन्हें जारी करने के पीछे असली मकसद क्या था।

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