पुणे , मार्च 20 -- महाराष्ट्र के पुणे में एक बड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता रुपाली पाटिल थोंबरे ने फेसबुक पोस्ट के जरिए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर को "फरार" बताया।

यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक बहस छिड़ गई।

मामला स्वयंभू धर्मगुरु कैप्टन अशोक खरात की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उस पर महिलाओं के शोषण और ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शक्तियों के नाम पर प्रभावशाली लोगों को प्रभावित करने के आरोप हैं।

बताया जा रहा है कि सुश्री रूपाली चाकणकर कथित रूप से श्री खारत के संगठन की ट्रस्टी हैं, जिसके चलते उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें वह कथित तौर पर श्री खारत के साथ अनुष्ठान करती और उनके ऊपर छाता पकड़े नजर आ रही हैं।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने श्री खारत के खिलाफ खबर प्रकाशित करने पर एक अखबार के संपादक को धमकी दी थी, जिससे विवाद और गहरा गया है।

बढ़ते दबाव के बीच सुश्री रुपाली पाटिल थोंबरे ने सुश्री चाकणकर के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि पद पर रहते हुए सुश्री चाकणकर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस्तीफा नहीं दिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आयी हैं। भाजपा ने सुश्री चाकणकर की पार्टी से उनके इस्तीफे पर निर्णय लेने को कहा है, वहीं राज्य मंत्री दत्तात्रेय भरने ने उनका बचाव करते हुए कहा कि इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है।

सुश्री चाकणकर के "गायब" होने के दावे ने विवाद को और बढ़ा दिया है, जिससे यह मामला अब राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित