नागपुर , दिसंबर 09 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक महेश लांडगे ने आवारा कुत्तों के हमलों पर मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में हो रही एक चर्चा के दौरान कहा कि पशु प्रेमियों ने इस समस्या के समाधान को मुश्किल बनाया है इसलिये आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनके घर में छोड़ देना चाहिये।
श्री लांडगे ने कहा कि पशु प्रेमी अक्सर इस खतरे से निपटने के प्रयासों को जटिल बना देते हैं। उन्होंने कहा, "पिछले तीन वर्षों में अकेले पुणे में एक लाख से ज़्यादा कुत्ते के काटने के मामले सामने आये हैं। आवारा कुत्तों को पकड़कर इन पशु प्रेमियों के घरों में छोड़ देना चाहिए।"इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की कि राज्य विधानमंडल में सभी पार्टियों की मांग के बाद शहरी इलाकों में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं से निपटने के उपायों पर चर्चा करने के लिये विशेष बैठकें बुलाई जाएंगी।
यह घोषणा विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव उठाए जाने के बाद हुई, जिसमें आवारा कुत्तों से बढ़ते खतरे को उजागर किया गया और तत्काल उपायों का आग्रह किया गया।
शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने एक लिखित जवाब में बताया कि अकेले मुंबई में अनुमानित 90,757 आवारा कुत्ते हैं, जबकि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) इन जानवरों के लिये केवल आठ शेल्टर चलाता है। राज्य के 29 नगर निगम क्षेत्रों में लगभग 11.88 लाख आवारा कुत्ते हैं, लेकिन केवल 105 शेल्टर हैं।
भाजपा विधायक अतुल भाटखलकर ने सरकार से शेल्टरों की संख्या बढ़ाने का आग्रह करते हुये सुझाव दिया कि अतिरिक्त सुविधाएं बनाने के लिए खाली सरकारी भूखंडों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सुश्री मिसाल ने जवाब दिया कि प्रशासन इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन कर रहा है।
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