नागपुर , दिसंबर 07 -- महाराष्ट्र में विपक्ष ने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के नेता (एलओपी) नियुक्त नहीं करने के विरोध में शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित राज्य सरकार की पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार किया।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शिवसेना (ठाकरे गुट) के भास्कर जाधव और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (एनसीपी शरद पवार समूह) के साथ मिलकर एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया और महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। श्री वडेट्टीवार ने याद दिलाया कि कैसे 1980 और 1985 में जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास सिर्फ 14 और 16 विधायक थे, तब भी उन्हें विपक्ष के नेता का पद दिया गया था।

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि चाय पार्टी का निमंत्रण विपक्ष के नेताओं की बजाय व्यक्तिगत रूप से विधायकों को भेजा गया है। ये पद फिलहाल खाली हैं।श्री वडेट्टीवार ने कहा, ''किसी भी सदन में विपक्ष का नेता नहीं है। दोनों संवैधानिक पद हैं। इन्हें खाली रखकर सरकार ने संविधान की अवहेलना की है। इसलिए हमने चाय पार्टी का बहिष्कार करने का फैसला किया है।''पिछले वर्ष के विधानसभा चुनावों में विपक्ष के खराब प्रदर्शन की वजह से किसी भी पार्टी को कुल 288 सीटों में से आवश्यक 10 प्रतिशत सीटें नहीं मिलीं थीं। अगर इतनी सीटें मिल जाती तो स्वतः ही विपक्ष के नेता के पद पर दावा किया जा सकता है।

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