रायगढ़ , जनवरी 04 -- महाराष्ट्र में अपराध जांच के मामले में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले में रायगढ़ जिला पुलिस शीर्ष स्थान पर है जिसने 2025 में राज्य में सबसे अधिक 90 प्रतिशत जांच दर दर्ज की है।

पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल के दौरान जिले में दर्ज कुल 2,282 आपराधिक मामलों में से जिला पुलिस ने 2,064 मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया। यह पिछले साल के मुकाबले तीन प्रतिशत का सुधार है जबकि जिले में कुल अपराध दर में गिरावट आयी है।

पुलिस अधीक्षक अंचल दलाल ने इस उपलब्धि का श्रेय गहन, त्वरित जांच और रोकथाम उपायों पर लगातार जोर देने को दिया। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार अपराध का पता लगाने की दर में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जो 2019 में 76 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 90 प्रतिशत हो गयी।

रायगढ़ की शीर्ष रैंकिंग में बड़ा कारण महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उसका प्रदर्शन है। दर्ज किये गये 521 मामलों में से 513 का पता लगाया गया और इसमें जांच दर 98 प्रतिशत रही। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि महिलाओं से जुड़े 100 प्रतिशत मामलों में तय समय सीमा के अंदर आरोप पत्र दाखिल किया जाए। गंभीर अपराधों में रायगढ़ पुलिस ने 32 हत्या के मामलों में से 30 हल कर 94 प्रतिशत जांच दर पेश की, जबकि हत्या के प्रयास के सभी 27 मामलों को पूरी तरह से सुलझा लिया। संपत्ति से संबंधित अपराधों में दर्ज 445 मामलों में से 295 का निपटारा किया गया।

साल भर पुलिस के रोकथाम उपाय तेज रहे जिनमें 14 आदतन अपराधियों को जिले से बाहर निकाल दिया गया और 10,519 लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई शुरू की गयी। अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई के परिणामस्वरूप 625 शराबबंदी के मामले, 115 जुए के मामले, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 26 मामले और अवैध हथियारों से जुड़े 14 मामले दर्ज किये गये।

इन अभियानों में जुए की गतिविधियों से 56.54 लाख रुपये की नकदी और 84.55 लाख रुपये मूल्य की शराब जब्त की गयी। एनडीपीएस अधिनियम के तहत, पुलिस ने 1.19 करोड़ रुपये मूल्य के 23.890 किलोग्राम चरस, 11.32 लाख रुपये मूल्य के 44.431 किलोग्राम गांजा, 4.22 करोड़ रुपये मूल्य के 4.76 किलोग्राम एमडी और 88.92 करोड़ रुपये मूल्य का 50.687 किलोग्राम केटामाइन जब्त किया।

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