मुंबई , अप्रैल 29 -- महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के "आधिकारिक चेहरे" को लेकर बना संशय आखिरकार खत्म हो गया।

इस बात को लेकर काफी अटकलें थीं कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खुद चुनाव लड़ेंगे, लेकिन युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने आज आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि श्री अंबादास दानवे ही गठबंधन के उम्मीदवार होंगे।

श्री आदित्य ने स्पष्ट किया कि श्री दानवे को मैदान में उतारने का फैसला पार्टी प्रमुख ने ही लिया है। श्री दानवे विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता रह चुके हैं। गठबंधन को एकजुट रखने के लिए सहयोगियों (राकांपा-शरद) की सुप्रिया सुले और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं) द्वारा श्री ठाकरे से खुद चुनाव लड़ने के अनुरोधों के बावजूद, उन्होंने श्री दानवे पर भरोसा जताना ही सही समझा।

श्री दानवे को सदन में पार्टी की मुखर आवाज़ के तौर पर जाना जाता है। शिवसेना (यूटीबी) के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया के ज़रिए पुष्टि की कि श्री दानवे कल सुबह 11:00 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषक इसे श्री ठाकरे का एक सतर्क कदम मान रहे हैं। विधानसभा में मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए श्री दानवे जैसे अनुभवी और मंझे हुए नेता को मैदान में उतारना इस सीट पर एक मज़बूत मुकाबले को सुनिश्चित करता है। अब सभी की नज़रें कांग्रेस और राकांपा (एसपी) पर टिकी हैं कि वे अपने समर्थन में किस तरह तालमेल बिठाते हैं। उन्होंने हालांकि पहले श्री उद्धव से चुनाव लड़ने का आग्रह किया था, लेकिन अब गठबंधन की मर्यादा बनाए रखने के लिए उनसे दानवे का समर्थन करने की उम्मीद की जा रही है। खुद चुनाव न लड़कर श्री ठाकरे का इरादा संभवतः विधायी कर्तव्यों तक सीमित रहने के बजाय, पूरे राज्य में नेतृत्व और संगठन निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना है।

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