बुलढाणा , दिसंबर 31 -- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज प्रदेश में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपने पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
श्री सपकाल ने यहां मीडिया से बात करते हुए भाजपा के भारत को "कांग्रेस-मुक्त" बनाने के दावे का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि पार्टी खुद ही अपने पुराने कार्यकर्ताओं को किनारे करके "कार्यकर्ता-मुक्त" हो गई है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान भाजपा में भ्रम और असंतोष फैल गया है, क्योंकि वफादार कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ किया गया, जबकि विरोधी पार्टियों से आए नए लोगों को चुनाव टिकट दिए गए।
उन्होंने कहा कि यह गुस्सा पूरे राज्य में साफ दिख रहा है। भाजपा के जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी बनाने में सालों लगा दिए, उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया है, जिससे बड़े पैमाने पर आक्रोश है।
उन्होंने आगे दावा किया कि इस अंदरूनी अशांति का असर आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के पुराने कार्यकर्ताओं को जानबूझकर किनारे किया जा रहा है और पार्टी अब अपनी मूल विचारधारा से नहीं चल रही है।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का नियंत्रण जल्द ही नागपुर के रेशिमबाग से प्रभावशाली उद्योगपतियों के हाथों में चला जाएगा।
श्री सपकाल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजित पवार) गुट की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को पार्टी में शामिल किया गया है, और दावा किया कि माफिया समूहों और गैंग से संबंध कोई नई बात नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी के रोडमैप के बारे में बताते हुए कहा कि 2026 संगठन को फिर से मज़बूत करने के लिए समर्पित होगा। उन्होंने कहा "फिर से बनाने की प्रक्रिया इस दिसंबर में ही शुरू हो गई है। पार्टी का मनोबल मज़बूत है और हम बड़े पैमाने पर लोगों को शामिल होते देख रहे हैं। हमारी प्राथमिकता विचारधारा और संगठनात्मक एकता को मज़बूत करना होगा।"महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के साथ-साथ 29 अन्य नगर निगमों में चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी।
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