मुंबई , जनवरी 01 -- महाराष्ट्र सरकार ने 12वीं कक्षा के बाद पेशेवर तकनीकी, मेडिकल और काश्तकारी की पढ़ाई करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए लंबे समय से टल रहे छात्रवृत्ति बकाया को निपटाने के लिये 19.2 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इस फैसले से उन छात्रों को फायदा होगा जिनके छात्रवृत्ति आवेदन 2019-20 और 2025-26 के बीच मंजूर किए गए थे, लेकिन सालों से उनका भुगतान नहीं हुआ था।
यह निधि अल्पसंख्यक विकास विभाग की ओर से 31 दिसंबर, 2025 को जारी एक सरकारी प्रस्ताव के माध्यम से अधिकृत की गयी है। इसमें लाभार्थियों को वितरण के लिए तकनीकी शिक्षा निदेशक (मुंबई), चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान आयुक्त (मुंबई), और महाराष्ट्र कृषि शिक्षा और अनुसंधान परिषद (पुणे) के निदेशक को आवंटन निर्देशित किया गया है।
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य वसीम बुरहान ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि कई छात्र समूह और संगठन सालों से राहत की मांग कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री अजीत पवार के प्रति आभार व्यक्त किया। छात्रवृत्ति की राशि जल्द ही सीधे छात्रों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
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