मुंबई , जनवरी 04 -- महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों से पहले बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवारों का "निर्विरोध " चुना जाना विवादों में घिर गया है क्योंकि विपक्षी पार्टियां इस प्रक्रिया को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने संकेत दिया है कि राज्य चुनाव आयोग की जांच के साथ-साथ 'निर्विरोध' चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी योजना बनाई जा रही है। महाराष्ट्र के विभिन्न नगर निगमों में 67 उम्मीदवार बिना मुकाबले के चुने गए हैं। इनमें से अधिकतर उम्मीदवार भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के हैं।
गौरतलब है कि मालेगांव से इस्लाम पार्टी के एक उम्मीदवार को भी बिना मुकाबले के चुना गया है। विपक्षी पार्टियों ने इनकी कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टियों ने करोड़ों रुपये का लालच और डरा-धमकाकर विरोधी उम्मीदवारों को अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया। राज्य चुनाव आयोग ने इन आरोपों को ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी चुनावों की जांच के आदेश दिए हैं।
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