नागपुर , नवंबर 07 -- महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक 68 वर्षीय महिला किसान ने कथित रूप से बैंक द्वारा ऋण चुकाने के दबाव एवं उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना चंद्रपुर जिले के राजुरा तालुका के चंदनवाही के नाइक नगर की है। पीड़िता की पहचान यशोदा अबाजी राठौड़ के रूप में हुई है।
पुलिस ने कहा कि यशोदा ने कई साल पहले सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक की गढ़चंदूर शाखा से कृषि ऋण लिया था। बैंक कथित रूप से उस पर बकाया राशि चुकाने का दबाव बना रहा था और बैंक अधिकारी कई बार उसके घर जाकर उसे बकाया राशि चुकाने की मांग कर रहे थे।
सहकारी बैंक के ऋण के अलावा, यशोदा ने खेती के लिए निजी ऋणदाताओं से भी कर्ज़ लिया था। उनके दो बेटे भी किसान हैं और उन पर भी कृषि ऋण बकाया था, जिससे परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था।
पिछले कुछ वर्षों में, परिवार को प्रतिकूल मौसम के कारण बार-बार फसल बर्बादी का सामना करना पड़ रहा था। इस वर्ष भी कपास की फसल कथित रूप से भारी बारिश के कारण नष्ट हो गयी, जिससे परिवार की आय बंद हो गयी और कर्ज बढ़ता गया।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि गुरुवार दोपहर उसने कथित रूप से अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।इस घटना के बाद, राजुरा पुलिस स्टेशन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। शव को पोस्टमार्टम के लिए राजुरा उप-जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है तथा जांच चल रही है।
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