बीड , दिसंबर 07 -- महाराष्ट्र के गेवराई नगर निगम चुनाव के दौरान पवार और पंडित गुटों के बीच हिंसक झड़पों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बलराज पवार और उनके बेटे शिवराज पवार सहित 17 लोगों को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस देकर रिहा कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सचिन पांदकर के सामने पेश किया जाएगा, जहां उनसे एक बड़ी बॉन्ड राशि ली जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी और उल्लंघन पर बॉन्ड रद्द कर दिया जाएगा और आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।

गौरतलब है कि यह हिंसा पोलिंग बूथ नंबर दस पर पृथ्वीराज पंडित और शिवराज पवार के बीच विवाद से शुरू हुई, जो दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाई में बदल गई।

आरोप है कि बलराज पवार और उनके साथी पूर्व विधायक अमरसना पंडित के कृष्णाई आवास पर गए और उनके सहायक अमृत दाओकर पर हमला किया। जवाब में जयसिंह पंडित और पृथ्वीराज पंडित अपने समर्थकों के साथ बलराज पवार के आवास पर गए, जहां एक और झड़प हुई, जिससे पत्थरबाजी हुई और एक जीप को काफी नुकसान हुआ।

पुलिस ने किसी भी गुट द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराने के बावजूद घटना का स्वतः संज्ञान लिया और दोनों समूहों के लगभग पचास लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए एक बड़ा पुलिस अभियान चलाया गया।

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