नागपुर , दिसंबर, 10 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को घोषणा की कि अब भारत निर्मित विदेशी शराब और देशी शराब दोनों तरह की शराब की दुकानें रजिस्टर्ड हाउसिंग सोसाइटी परिसर में स्थित व्यावसायिक जगहों पर तभी खोली जा सकेंगी, जब उन्हें संबंधित हाउसिंग सोसाइटी से अनिवार्य सहमति/अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त होगी।

राज्य के आबकारी विभाग के प्रमुख अजित पवार ने निर्देश दिया कि यह नीति पूरे महाराष्ट्र में एकसमान रूप से लागू की जाए।

राज्य के आबकारी मंत्री ने विधानसभा में पुणे के चिंचवड़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक शंकर जगताप के सवाल के जवाब में यह बयान दिया गया।श्री जगताप ने चिंचवड़-कालेवाड़ी क्षेत्र में कुछ शराब की दुकानों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सह्याद्री सोसाइटी में स्थित विक्रांत वाइन की दुकान ने नियमों का उल्लंघन करके कारोबार शुरू किया है। उनके अनुसार, जब परमिशन दी गई तब इमारत अभी अधूरी थी और अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस जारी किया गया। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

इन शिकायतों के जवाब में श्री अजित पवार ने दोहराया कि अब शराब की दुकान चलाने के लिए संबंधित हाउसिंग सोसाइटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना पूरी तरह अनिवार्य है।

उन्होंने सदन को यह भी बताया कि जिन दो दुकानों के खिलाफ शिकायतें आई थीं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।

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