दरभंगा , जनवरी 22 -- बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ख़ान गुरुवार को कामेश्वर नगर स्थित कल्याणी निवास परिसर में आयोजित दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी काम सुंदरी साहिबा के द्वादशा कर्म कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।

श्री खान इस अवसर पर महारानी के सुपौत्र रत्नेश्वर सिंह, कुमार राजेश्वर सिंह और कुमार कपिलेश्वर सिंह समेत दरभंगा राजघराने के शोकाकुल सदस्यों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया।

राज्यपाल श्री ख़ान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दरभंगा राजपरिवार का देश, समाज और विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने राजघराने की वर्षों से चली आ रही सामाजिक और शैक्षणिक परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि यह परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहे, यही उनकी कामना है।

श्री खान ने कहा कि इस राजघराने का शिक्षा और समाज सेवा में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के समय विभिन्न राज घरानों को जानने का उन्हें अवसर मिला था। छात्र जीवन में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में अध्ययन के दौरान ही उन्हें दरभंगा राजघराने को निकट से जानने और समझने का अवसर मिला है। उन्होंने राजपरिवार की सेवाभावी सोच और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया।

श्राद्धकर्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान राजपरिवार के सदस्य, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में शुभचिंतक उपस्थित रहे।

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