श्रीगंगानगर , दिसंबर 05 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर रियासत के तत्कालीन महाराजा गंगासिंह की कर्मशीलता, संघर्षशीलता, संवेदनशीलता, दानवीरता और दूरदृष्टि की सोच की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार महाराजा गंगासिंह की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री शर्मा आज यहां जिला मुख्यालय के समीप साधुवाली गांव में गंगनहर के शिलान्यास की शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंह ने 100-125 वर्ष पहले इस रेगिस्तानी क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का सपना देखा और अपने दृढ़ इरादों से उसे साकार किया तथा उनकी सरकार इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है।

श्री शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अशोक गहलोत तीन बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने पूरे राजस्थान की तरह श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए कोई योजना नहीं बनाई। उन्होंने एक बार भी यहां आकर नहरी व्यवस्था की सुध नहीं ली। अगर कांग्रेस सरकार ने समय पर ध्यान दिया होता, तो वर्तमान हालात इतने खराब नहीं होते।

श्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने पद संभालने के कुछ दिनों बाद ही इन जिलों का दौरा किया और नहरी तंत्र की समस्याओं को गहराई से समझा। इसके बाद क्षेत्र के नहरी तंत्र को सुधारने के लिए योजनाएं शुरू की गईं, जो अब धरातल पर उतर रही हैं।

इससे पहले श्री शर्मा ने श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र के नहरी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कुल 1717 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पंजाब में बनने वाली फिरोजपुर नहर भी शामिल है, जिसमें केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और राजस्थान सरकार का संयुक्त योगदान है। इसके अलावा मुख्य गंगनहर की पुन: लाइनिंग, इस नहर की वितरिकाओं की मरम्मत, इस नहर के जल वितरण के स्वचालन प्रणाली, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, भाखड़ा नहर परियोजना और गंग नहर सिंचित क्षेत्र में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पक्के खाले बनाने के कार्यों की शुरुआत की गई। उन्होंने गंगनहर शिलान्यास शताब्दी समारोह की भी औपचारिक शुरुआत की और कहा कि राज्य सरकार इस शताब्दी वर्ष में कई कार्यक्रम आयोजित करेगी।

मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में सिंचाई और जल परियोजनाओं को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए गठित मुख्यमंत्री कार्यदल का जिक्र करते हुए कहा कि यह कार्यदल परियोजनाओं की निगरानी करेगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान को जल्द ही सिंधु नदी का पानी भी मिलेगा। साथ ही यमुना जल समझौता भी जल्द मूर्त रूप लेगा, जिससे शेखावटी क्षेत्र में पीने और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। गंगनहर, इंदिरा गांधी नहर और भाखड़ा नहर परियोजना क्षेत्र में पक्के खालों के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने करोड़ों रुपये की राशि मंजूर की है। कुछ जगहों पर काम शुरू हो चुका है, जबकि अन्य परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

श्री शर्मा ने श्रीगंगानगर से कोटपूतली तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे का भी जिक्र किया और कहा कि इस पर तेजी से काम चल रहा है, जल्द ही निर्माण शुरू होगा। राज्य में छह से अधिक ऐसे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे बनाने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है।

किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद किसान परिवार से आते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने क्षेत्र में सिंचित पानी की समस्या को सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाए, जिसके परिणामस्वरूप पिछले दो वर्षों में पानी को लेकर आंदोलन करीब खत्म हो गए हैं। उन्होंने सिखों के नवें गुरु तेग बहादुर की शहादत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया, इसलिए उन्हें 'हिंद की चादर' कहा जाता है। राज्य सरकार द्वारा लाया गया धर्म परिवर्तन विधेयक गुरु तेगबहादुर को समर्पित है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं में पहले से कहीं अधिक सुधार का दावा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि इनमें आगे कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से भाजपा पर भरोसा बनाए रखने का आह्वान किया और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने कभी किसानों का भला नहीं किया, बल्कि उन्हें फकीरी की ओर धकेला। कांग्रेस सरकार को उन्होंने 'झूठ और लूट' की सरकार करार दिया।

समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने महाराजा गंगासिंह द्वारा गंगनहर निर्माण के लिए किए गए अथक प्रयासों की गाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि महाराजा का दृढ़ संकल्प ही इस क्षेत्र की कायापलट का मुख्य कारण है। उनकी कर्मशीलता, संवेदनशीलता और दानवीरता ने उन्हें अमर बना दिया। महाराजा ने दूरदृष्टि अपनाते हुए कई जनहितकारी कार्य किए।

समारोह में महाराजा गंगासिंह की पडपौत्री और बीकानेर विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी, किसान आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.आर. चौधरी, सिंचाई मंत्री सुरेश रावत, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री एवं श्रीगंगानगर जिले के प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद टाक, श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहानी, सादुलशहर विधायक गुरवीरसिंह बराड़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्रसिंह राठौड़,पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल, हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल, संगरिया के पूर्व विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी, पूर्व मंत्री सुरेंद्रपालसिंह टीटी, भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने भी संबोधित किया।

यह समारोह महाराजा गंगासिंह द्वारा पांच दिसंबर 1925 को पंजाब के फिरोजपुर जिले में गंगनहर की नींव रखने की शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जो इस रेगिस्तानी क्षेत्र को सिंचित बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ।

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