पटना, जनवरी 09 -- वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं लेखक यादवेंद्र पाण्डेय ने शुक्रवार को कहा कि महात्मा गाँधी की विज्ञान में गहरी अभिरुचि थी और वह वैज्ञानिकों से पत्राचार भी करते थे।

श्री पाण्डेय ने राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर संग्रहालय में भारतीय प्रवासी दिवस के अवसर पर बापू संवाद श्रृंखला के तहत 'बापू संवाद-5' के तहत 'गांधी और विज्ञान' विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान देते हुए कहा कि लोग गांधी को आधुनिकता के विरोधी एवं अवैज्ञानिक मानते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी विज्ञान एवं तकनीकी पर पूरी तरह निर्भर रहने की जगह विज्ञान के उचित उपयोग पर जोर देते थे।

मुख्य वक्ता ने कहा कि महात्मा गांधी ने खान-पान का भी वैज्ञानिक दृष्टि से व्याख्या की है। उन्होंने वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु, आचार्य प्रफुल चन्द्र राय एवं अल्बर्ट आइंस्टीन के बीच गांधी जी के विचारों के आदान प्रदान पर भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने मुख्य वक्ता को पुष्पगुच्छ, शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने वहां उपस्थित मगध महिला कॉलेज, एएन कॉलेज एवं बीडी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी संबोधित करते हुए गाँधी को याद किया और कहा कि आज बदले हुए माहौल में भी गांधी की प्रासंगिकता और बढ़ती जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान सचिव श्री रवि ने बापू टावर में सत्याग्रह इंटर्नशिप पूरा करने वाले मगध महिला कॉलेज एवं ए.एन. कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीच सत्याग्रह इंटर्नशिप का प्रमाण-पत्र वितरण किया। साथ ही, उन्होंने गांधी ज्ञान परीक्षा के विजेता छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।

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