पटना, अक्टूबर 30 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखविंदर सिंह 'सुक्खू' ने गुरुवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर प्रदेश में भी पुरानी पेंशन स्कीम लाई जाएगी।
श्री 'सुक्खू' ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कमान संभाली थी तब नेशनल पेंसन स्कीम (एनपीएस) के तहत लोगों को दो-तीन हजार पेंशन के मिलते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने निर्णय लेकर पुरानी पेंशन स्कीम लागू की और वही पेंशन 30 से 50 हजार हो गई। उन्होंने कहा कि इसे जनता को सौगात देने के लिए नही, बल्कि लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने उद्देश्य से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने पर हिमाचल प्रदेश के जैसी पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाएगी, जिससे 25-30 साल तक सरकारी नौकरी करने वालों को सेवानिवृति पर सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं को लागू करते हुए उन्होंने कोशिश की कि प्रदेश के लोगों को बेहतर जीवन बसर करने में मदद की जाये। उन्होंने कहा कि हाल ही में बिहार सरकार ने रोजगार के नाम पर महिलाओं के खाते में दस हजार चुनाव के ठीक पहले भेजे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भी पुरानी पेंशन योजना 2027 में हिमाचल प्रदेश में होने वाले चुनाव तक टाल कर और चुनाव के पहले लागू कर मतदान के समय फायदा लेने की कोशिश कर सकती थी, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने अपने वादे के हिसाब से सरकार बनते ही इस योजना को लागू किया।
कांग्रेस के नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसानो के लाभ और आर्थिक सुरक्षा के लिए कई वस्तुओं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार किसानों से 51 रूपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदनी है और यदि किसान का घर दूध खरीद की जगह से दो किलोमीटर से ज्यादा दूर है तो उन्हें दो रूपये लीटर अतिरिक्त दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार गेहूं 60 रुपया प्रत्ति किलो मक्का 40,कच्ची हल्दी 90, और जौ 60 रूपये प्रति किलो के भाव से खरीदती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के इन कदमों से ग्रामीण किसानों की जिंदगी में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिहार में यहां प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 83 हजार सालाना है, वहीं हिमाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय दो लाख 57 हजार है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं किसानों को एक एकड़ जमीन में एक मेगावाट सोलर पावर का प्लांट लगाने के लिए 04 प्रतिशत ब्याज पर अनुदान की राशि भी दी जाती है।
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