प्रयागराज , दिसंबर 14 -- प्रयागराज में महाकुंभ की तर्ज पर अब माघ मेले की भी ग्लोबल ब्रांडिंग की जा रही है। बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए माघ मेला 2026 का बजट बढ़ाकर 95 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि वर्ष 2024 में यह 79.8 करोड़ रुपये था। प्रशासन का विशेष फोकस मेले की बसावट, सजावट और सुविधाओं पर है।
इसी क्रम में कुंभ नगरी प्रयागराज को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब माघ मेला 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड करने की व्यापक तैयारी की जा रही है।
प्रयागराज मंडल की आयुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार, महाकुंभ 2025 के दिव्य, भव्य और स्वच्छ आयोजन ने प्रयागराज को वैश्विक पटल पर विशेष पहचान दिलाई है। वर्ष 2022 में जहां प्रयागराज में पर्यटकों का फुटफॉल 2.66 करोड़ था, वहीं वर्ष 2025 में जनवरी से सितंबर के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 68.21 करोड़ तक पहुंच गया। यह वृद्धि सरकार की सुनियोजित पर्यटन नीति और बुनियादी ढांचे के सशक्तिकरण का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि इस बार का माघ मेला केवल एक परंपरागत धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और सुदृढ़ प्रशासनिक क्षमता का भव्य प्रदर्शन बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं माघ मेला 2026 में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आगमन का अनुमान जता चुके हैं, जो अब तक के सभी माघ मेलों से लगभग तीन गुना अधिक है।
महाकुंभ 2025 की अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और वैश्विक मीडिया कवरेज का सकारात्मक प्रभाव माघ मेला 2026 पर भी पड़ेगा। प्रशासन के अनुसार, महाकुंभ के अनुभव के चलते माघ मेला 2026 में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 20-25 प्रतिशत और घरेलू पर्यटकों की संख्या में 15-18 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। 44 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है।
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