चंडीगढ़ , जनवरी 24 -- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि संत-महात्मा हमारी संस्कृतिऔर सभ्यता की पहचान हैं, जिन्होंने समय-समय पर समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि का योगदान भारतीय साहित्य और संस्कृति में अमूल्य है। रामायण जैसी महान कृति की रचना कर उन्होंने मानवता को सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जो सदैव प्रासंगिक और शाश्वत रहेगा। सुश्री चौधरी शनिवार को भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में लव-कुश सेना समिति के तत्वावधान में आयोजित महर्षि वाल्मीकि के तृतीय मूर्ति स्थापना दिवस विचार कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

उन्होंने कहा कि भारत की धरती महान संतों और ऋषियों की तपोभूमि रही है, जिनकी रचनाओं और उपदेशों ने समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। महर्षि वाल्मीकि की रचनाएं केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं की वाणी का प्रभाव समय की सीमाओं से परे होता है और पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को प्रेरणा देता रहता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित