श्रीनगर , फरवरी 06 -- रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से केंद्र शासित प्रदेश में तीन प्रस्तावित रेलवे परियोजनाओं को रोकने की घोषणा किये जाने के कुछ दिनों बाद जम्मू- कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रदेश की बंजर ज़मीन पर उनका रूट बदलकर एक खास फल गलियारे बनाने का आग्रह किया है।
सुश्री महबूबा ने श्री वैष्णव को लिखे पत्र में कश्मीर घाटी में तीन प्रस्तावित रेलवे परियोजनाओं को रोकने के फैसले का स्वागत किया और इसे लाखों किसान परिवारों के लिए बहुत ज़रूरी राहत बताया, जिनकी आजीविका खतरे में थी। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लगभग दो-तिहाई आबादी को सहारा देती हैं। उन्होंने बताया कि घाटी में खेती योग्य ज़मीन इसके कुल भौगोलिक क्षेत्र का केवल एक छोटा सा हिस्सा है और राजमार्ग, बाईपास और रिंग रोड परियोजना के कारण यह पहले ही काफी कम हो गयी है।
उन्होंने कहा, "हालांकि इन रेलवे परियोजनाओं के अस्थायी निलंबन से कुछ समय की राहत मिली है, लेकिन उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता किसान परिवारों को परेशान कर रही है और उनके लंबे समय के निवेश को जोखिम में डाल रही है।"सुश्री महबूबा ने कहा कि भारत के अन्य हिस्सों की तरह कश्मीर भी अपने गाँवों में बसता है, जहाँ ज़्यादातर किसान छोटे ज़मीन के मालिक हैं और उनके पास आय का कोई दूसरा ज़रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी ने खेती पर निर्भरता और बढ़ा दी है, जिससे उपजाऊ ज़मीन की सुरक्षा बड़े जनहित का मामला बन गयी है। उन्होंने कहा कि किसान रेलवे सम्पर्क के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने पत्र में एक भरोसेमंद रेल नेटवर्क के ज़रिए एक समर्पित फर गलियारे की पुरज़ोर वकालत की है, खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बार-बार होने वाली रुकावटों को देखते हुए।
पीडीपी प्रमुख ने केंद्र सरकार से जम्मू क्षेत्र के चिनाब घाटी और पीर पंजाल क्षेत्रों तक रेल सम्पर्क बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संसाधन-समृद्ध और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ये क्षेत्र लंबे समय से अविश्वसनीय सड़क सम्पर्क के कारण पीड़ित हैं, जिससे उनकी आर्थिक और विकासात्मक क्षमता गंभीर रूप से सीमित हो गई है।
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