सरगुजा , जनवरी 06 -- त्तीसगढ में सरगुजा पुलिस ने शहर में सक्रिय एक मवेशी चोरी एवं तस्करी गिरोह को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और छह मवेशियों को छुड़ाया है। आरोपी पूर्व में भी ऐसे ही कई मामलों में शामिल पाए गए हैं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक शिकायतकर्ता ऋषिकेश मिश्रा ने 4 जनवरी की रात रिंग रोड पर तीन पिकअप वाहनों में कुछ लोगों द्वारा जबरन मवेशी लादे जाने की सूचना दी। उन्होंने दो वाहनों के नंबर नोट किए और पुलिस को सूचित किया। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रनपुरखुर्द बस्ती के पास घेराबंदी कर तीनों पिकअप वाहनों को रोक लिया।
कार्रवाई में छह मवेशी, 12,750 रुपये नकद तथा तीन पिकअप वाहन जब्त किए गए, जिनका कुल अनुमानित मूल्य लगभग 30 लाख रुपये बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे शहर में खुले या बंधे मवेशियों को चुराकर उन्हें झारखंड ले जाकर बेच देते थे। यह गिरोह थाना गांधीनगर एवं कोतवाली क्षेत्र में पिछले कुछ समय से हुई मवेशी चोरी की अन्य घटनाओं में भी शामिल पाया गया है।
पुलिस द्वारा जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी अजहर खान एवं जुनैद आलम के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे आदतन अपराधी श्रेणी के हैं। सभी सातों आरोपी जशपुर जिले के निवासी बताए गए हैं। उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। मामले की अग्रिम जांच जारी है।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजित कुमार मिश्रा सहित कई पुलिस कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह शहर में लंबे समय से सक्रिय था और उनकी सतर्कता से इसका भंडाफोड़ हुआ है। जब्त मवेशियों को गौ सेवा मंडल को सौंप दिया गया है।
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