मुंबई , फरवरी 27 -- महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने मराठी भाषा गौरव दिवस के अवसर पर शिवसेना (यूबीटी) की आलोचना करते हुए भाषा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।

भाजपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए श्री बन ने आरोप लगाया कि एक ओर वे मराठी भाषा के गौरव की बात करते हैं और दूसरी ओर स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य करते हैं तथा मराठी लोगों को बाहर निकालते हैं और दूसरों को अपशब्द कहने के लिए भाषा का उपयोग करते हैं।

श्री बन ने कहा कि मराठी के प्रति उनका प्रेम 'पूतना' के कपटी दूध के समान है, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वास्तविक प्रयासों से मराठी भाषा को 'अभिजात भाषा' (शास्त्रीय भाषा) का दर्जा प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि त्रिभाषा सूत्र में कहीं भी मराठी को दरकिनार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली कक्षा से हिंदी की अनिवार्यता को हटा दिया गया और महाराष्ट्र में मराठी को अनिवार्य बनाया गया, जबकि हिंदी को एक वैकल्पिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई।

राज्य में फडणवीस सरकार के योगदान पर प्रकाश डालते हुए श्री बन ने कहा कि पहली बार मराठी को समर्पित एक विश्वविद्यालय शुरू किया गया। उन्होने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर निशाना साधा और उन्हें चुनौती दी कि वे उन कार्यों की सूची दें जो उन्होंने मराठी भाषा के लिए किए हैं। श्री बन ने चुनौती देते हुए कहा कि पहली कक्षा से अंग्रेजी और हिंदी को अनिवार्य बनाने की सिफारिश उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल ने स्वीकार की थी; यदि श्री राउत में साहस है, तो उन्हें इस बारे में श्री उद्धव ठाकरे से सवाल करना चाहिए।

श्री बन ने श्री राउत से यह भी पूछा कि वे लोगों को बताएं कि उनके बच्चे स्कूलों में किस माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब महा विकास अघाड़ी सरकार नगर निगम में थी, तब श्री राउत को न तो मराठी समझ आती थी, न हिंदी और न ही अंग्रेजी। उन्हें जो एकमात्र भाषा समझ आती थी, वह थी "अपना सपना मनी मनी।"श्री राउत के इस दावे पर कि आज भी व्यापार और उद्योग की भाषा दूसरों की है, श्री बन ने पलटवार करते हुए पूछा कि जब मुंबई नगर निगम में श्री उद्धव ठाकरे की सरकार थी, तब ठेकेदारों की भाषा मराठी थी, गुजराती थी या केवल धन की भाषा थी? उन्होंने सुझाव दिया कि श्री राउत को इस बारे में संदीप देशपांडे से पूछना चाहिए, जिन्होंने पहले ही इस मामले का पर्दाफाश कर दिया है।

दिवंगत अजीत पवार की विमान दुर्घटना की जांच के संबंध में श्री बन ने बताया कि सीआईडी ने कल एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर जांच की प्रगति और अब तक की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। श्री बन ने एक बार फिर रोहित पवार को चेतावनी दी और कहा कि वे इस मुद्दे पर संदेह और नाटक करना तुरंत बंद करें।

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