कोलकाता , जनवरी 02 -- पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में चल रही चुनावी प्रक्रिया के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर अपनी आपत्तियां औपचारिक रूप से दर्ज कराने के लिए नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेगी।
श्री अभिषेक आज बारुईपुर में 2026 की पहली राजनीतिक जनसभा में बोल रहे थे। उन्होंने दिल्ली में चुनाव आयुक्तों के साथ हुए टकराव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अनुचित व्यवहार किया था, जिसके कारण उन्हें अधिकारी को एक नामांकित अधिकारी और एक निर्वाचित प्रतिनिधि के बीच का अंतर याद दिलाना पड़ा।
उन्होंने रैली में दक्षिण 24 परगना के तीन निवासियों - मनीरुल मोल्ला, हरेकृष्ण गिरि और माया दास - को पेश किया, जिन्हें कथित तौर पर 16 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में "मृत मतदाता" के रूप में चिह्नित किया गया था।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि चुनावों से पहले वह राज्य भर में इसी तरह की कई रैलियों को संबोधित करेंगे। श्री अभिषेक ने आत्मविश्वास दिखाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस 2026 के विधानसभा चुनावों में 2021 के अपने प्रदर्शन में सुधार करेगी।
उन्होंने कहा, "हम पिछली बार से कम से कम एक सीट ज़्यादा जीतेंगे और वह अतिरिक्त सीट दक्षिण 24 परगना से ही आएगी।"टीएमसी ने 2021 में जिले की 31 विधानसभा सीटों में से 30 सीटें जीती थीं, केवल भांगर सीट हारी थी। उन्होंने कहा कि 2026 में भांगर सीट जीतना पार्टी के लिए प्राथमिकता होगी। यह सीट वर्तमान में ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के पास है। जहां से नौशाद सिद्दीकी राज्य विधानसभा के सदस्य हैं।
श्री अभिषेक ने भाजपा पर लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, "वे तय करना चाहते हैं कि लोग क्या खाएं और क्या पहनें, और बंगाली संस्कृति को बांग्लादेशी संस्कृति का नाम देना चाहते हैं," उन्होंने कहा कि जब तक ममता बनर्जी मुख्यमंत्री रहेंगी, ऐसे प्रयास विफल रहेंगे।
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