कोलकाता , जनवरी 16 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी में महाकाल महातीर्थ मंदिर की आधारशिला रखी। दीघा में जगन्नाथ धाम और न्यू टाउन में दुर्गा आंगन के बाद यह राज्य सरकार की एक और बड़ी धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजना मानी जा रही है।

यह मंदिर सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा-लक्ष्मी टाउनशिप क्षेत्र में 17.41 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आधारशिला समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महाकाल महातीर्थ मंदिर दुनिया के सबसे बड़े महाकाल मंदिरों में से एक होगा। उन्होंने कहा, "यह दुनिया के सबसे बड़े महाकाल मंदिरों में शामिल होगा। हर दिन करीब एक लाख श्रद्धालु मंदिर परिसर में दर्शन कर सकेंगे।" उन्होंने बताया कि इस मंदिर का नाम 'महाकाल महातीर्थ मंदिर' रखा गया है।

राज्य में हालिया धार्मिक संरचना पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में आस्था और संस्कृति का संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, "दीघा का जगन्नाथ धाम, न्यू टाउन का दुर्गा आंगन और सिलीगुड़ी का महाकाल मंदिर देश-विदेश से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे। ये धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र धीरे-धीरे पश्चिम बंगाल के प्रमुख गंतव्य बनेंगे।" अपने राजनीतिक संकल्प को दोहराते हुए सुश्री ममता बनर्जी ने कहा, "मैंने कहा था कि पश्चिम बंगाल को नंबर वन बनाऊंगी और मैं यह करके दिखाऊंगी।"मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मंदिर परिसर में विश्व की सबसे ऊंची महाकाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसकी कुल ऊंचाई 216 फीट होगी। उन्होंने बताया, "कांसे की प्रतिमा स्वयं 108 फीट ऊंची होगी और यह 108 फीट ऊंचे पेडेस्टल पर स्थापित की जाएगी।" उन्होंने सिलीगुड़ी में एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनाने की योजना की भी जानकारी दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित