कोलकाता , जनवरी 23 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा और सवाल उठाया कि अगर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज जीवित होते, तो क्या उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया जाता। उन्होंने नेताजी की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया।
सुश्री बनर्जी ने धर्मतला में राज्य सरकार के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा आयोजित नेताजी जयंती कार्यक्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) के तहत सुनवाई प्रक्रिया पर सवाल उठाया और पूछा, "अगर नेताजी आज जीवित होते, तो क्या उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया जाता?"गौरतलब है कि सुश्री बनर्जी ने यह सवाल नेताजी के परिवार के सदस्य चंद्र कुमार बोस को चुनाव आयोग द्वारा सुनवाई के लिए नोटिस दिए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद श्री चंद्र कुमार बोस की ओर इशारा करते हुए कहा, "चंद्र यहां हैं और उन्हें चुनाव आयोग से नोटिस मिला है।" मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस कवायद से 'आम लोगों में डर और परेशानी' पैदा हुई है।
सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर से संबंधित 'घबराहट' के कारण कई मौतें और आत्महत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा, "इतने सारे लोग मर रहे हैं। लगभग 110 मौतें पहले ही हो चुकी हैं। हर दिन तीन से चार लोग डर के मारे अपनी जान दे रहे हैं। चुनाव आयोग के खिलाफ मामले क्यों नहीं दर्ज किए जाने चाहिए? केंद्र को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"उन्होंने हालांकि सरकार द्वारा आयोजित मंच से किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया लेकिन सुश्री बनर्जी ने यह साफ कर दिया कि वह किसे निशाना बना रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित