कोलकाता , जनवरी 09 -- पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक निजी कंपनी 'आई पैक' के संस्थापक प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर की गई छापेमारी के खिलाफ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया और इस कार्रवाई को दो करोड़ लोगों के वोट छीनने और उनके अधिकारों के हनन का प्रयास बताया।
मार्च शुरू होने से पहले सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि यह विरोध केंद्र सरकार के अन्याय और अपमान के खिलाफ है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के शब्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ईडी के कार्रवाई के विरोध में अब सड़क ही हमारा जवाब है। सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि छापेमारी का असली उद्देश्य उनकी पार्टी की चुनावी रणनीतियों और गोपनीय दस्तावेजों को जब्त करना था। उन्होंने इसे एक अपराध करार देते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस की चुनावी जानकारी स्थानांतरित कर दी है।
जाधवपुर के 8 बी बस स्टैंड से शुरू हुआ यह मार्च दक्षिण कोलकाता के विभिन्न हिस्सों से होता हुआ शाम लगभग साढ़े चार बजे हाजरा मोड़ पर समाप्त हुआ।
मार्च के दौरान सड़कों पर भारी भीड़ जमा रही और हजारों समर्थकों ने झंडों और नारों के साथ मुख्यमंत्री का साथ दिया। हाजरा में मार्च समाप्त होने पर सुश्री बनर्जी ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे केंद्र के कथित दमन के खिलाफ सड़क पर उतरकर अपना विरोध जारी रखेंगी।
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए इन छापों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि जनता ही इस अपमान का जवाब देगी।
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