नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' कार्यक्रम में स्वच्छता को लेकर देशभर में हो रहे जन-आंदोलनों और युवाओं की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया गया।

श्री मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर के युवाओं के एक समूह ने उन इलाकों की सफाई का बीड़ा उठाया, जिन पर आमतौर पर कम ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई को अपना मिशन बनाते हुए ईटानगर से शुरुआत की और फिर नाहरलागुन, दोईमुख, सेप्पा, पालिन और पासीघाट जैसे शहरों तक अपने अभियान का विस्तार किया। उन्होंने कहा कि इस सामूहिक प्रयास के तहत अब तक करीब 11 लाख किलोग्राम कचरा साफ किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब युवा संगठित होकर आगे आते हैं, तो स्वच्छता जैसे बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि असम के नागांव में लोग अपनी पुरानी गलियों से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। यहां कुछ नागरिकों ने मिलकर गलियों की सफाई का संकल्प लिया, जिससे धीरे-धीरे एक टीम का गठन हुआ और बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया। यह पहल स्थानीय समुदाय की भागीदारी का सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।

श्री मोदी ने बेंगलुरु में पेशेवरों के एक समूह ने शहर में बढ़ती सोफा के कचरे पर चर्चा करते हुये कहा कि यह प्रबंधन और समाधान के लिए संगठित होकर काम कर रहे हैं। वहीं चेन्नई में कुछ टीमें लैंडफिल वेस्ट की रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं।

श्री मोदी ने कहा कि स्वच्छता से जुड़ा हर छोटा-बड़ा प्रयास महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत स्तर पर हो या टीम के रूप में, स्वच्छता के लिए किए गए प्रयास ही शहरों को बेहतर और रहने योग्य बना सकते हैं।

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